इंद्रियां
संतमत दर्शन के अनुसार, मनुष्य के शरीर में 14 इंद्रियां होती हैं:पांच ज्ञानेंद्रियां:
1. आंख
2. कान
3. नाक
4. जीभ
5. त्वचा
पांच कर्मेंद्रियां:
1. हाथ
2. पैर
3. मुंह
4. गुदा
5. लिंग
चार अंतःकरण:
1. मन
2. बुद्धि
3. चित्त
4. अहंकार
इनके अलावा, एक और छठी इंद्री भी होती है जो दिखाई नहीं देती, लेकिन उसका अस्तित्व महसूस होता है. इसे परामनोविज्ञान भी माना जाता है.
विज्ञान और धर्म के अनुसार, मानवों के पास पांच इंद्रियां होती हैं:
1. दृष्टि,
2. गंध,
3. ध्वनि,
4. स्वाद,
5. स्पर्श|
शोधकर्ता अभी भी इस बात पर बहस कर रहे हैं कि भावना क्या होती है.
छठी इंद्री क्या होती है?
छठी इंद्री, किसी चीज़ को महसूस करने की क्षमता है जो वास्तव में वहां नहीं होती. यह एक होशो-हवास में आया विचार या भावना है, जिसे हम देखने के साथ ही महसूस भी कर सकते हैं. छठी इंद्री के कुछ उदाहरण:
- आपको वास्तव में कुछ होने से पहले ही उसका अनुभव होता है.
- आप कुछ सपना देखते हैं और यह सच हो जाता है.
- यह हमें हर वक्त आने वाले खतरे या भविष्य में होने वाली घटनाओं का आभास करती रहती है.
- यह हमें कुछ गड़बड़ होने पर चेतावनी देता है.
छठी इंद्री को जाग्रत करने के कुछ तरीके:
- प्राणायाम और आसन.
- अतीत में जाकर घटना की सच्चाई का पता लगाया जा सकता है.
- मीलों दूर बैठे व्यक्ति की बातें सुनी जा सकती हैं.
- किसके मन में क्या विचार चल रहा है इसका शब्दश: पता लग जाता है.
छठी इंद्री को सामान्य भाषा में सैंस और मनोविज्ञान की भाषा में सिक्स्थ सेंस कहा जाता है.

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